*माई , मातृभाषा आ मातृभूमि के कवनो विकल्प नईखे ।*
इनका आँचर के नीचे जवन सुख के अनुभूति होखेला ऊहे स्वर्ग के सुख ह । रोजी रोटी के मज़बूरी आउर भविष्य के सुरक्षा ख़ाति तनी बेसी कमाए के आशा में न चाहते हुए ढेर लोग अपना माई आ माटी से दूर बा । यह कमी के न भरल जा सकेला बांकी मातृभाषा से दुरी के पाटे के काम बिहार झारखण्ड एसोसिएशन ऑफ़ जापान कर रहल बा ।
*जी हाँ , आपको जगाने आया हूँ , झकझोड़ने आया हूँ ।* आपसे अपनी और आपकी ही बातें करने आया हूँ । सीधे शब्दों में बिहार , बिहारीपन आदि से एकदम सरोबार करके मन को महो महो करने की तैयारी करने , करवाने आया हूँ । अपना बिहारी समाज, साहित्य, संगीत, सिनेमा आ सबसे बढ़ के अपना सोच में भोजपुरी , मैथिलि , अंगिका , ठेठ एह नया रक्त-संचार के महसूस करे लागल बा अगर आज, त एह में शुभ-शुभ ई बा कि अहाँ के आपन एगो जबरदस्त भूमिका बा।
नया साल नया उम्मीद लेके आवेला , कहे खातिर त इ कालखंड के बदलाव मात्र होला , बाकिर जनमानस पर एकर बड़ा गहिर असर पड़ेला . हर आदमी बीतल बरस में अपना उपलब्धि आ चुनौती के मूल्याङ्कन करेला , आ संकल्प के साकार करे खातिर कर्तव्य मार्ग पर चल पड़ेला .उत्सव मनावे के हर अवसर दुनू हाथ से लपकेला हमनी के समाज काफी माहिर बा ।
*त हम जापान में रहने वाले बिहारी क्यों पीछे रहे ?*
सूर्य के उत्तरायण में भइला आ दिन बड़ भइला के वजह से प्राणियन में ढेर चैतन्यता आ जाला अउरी कार्य शक्ति भी बढ़ जाला , जी हाँ , मकर संक्रांति भी अगले महीने ही कइल जाला । दिन के स्नान कईलो के बाद तिल , गुड़ , अउरी चावल दाल के दान कईल जाला । अइसन कहल जाला की घी अउरी कम्बल के दान कईला से मोक्ष प्राप्त होला ।
माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम।
स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति॥
पूर्वांचल में मकर संक्रांति के दिन में चिउरा दही गुड़ अउरी गोभी मटर के सब्जी खाईल जाला ।
ए माई गोइठा देबू ।
त तहार बेटा हाथी पर बाइठि ॥
पा नि माई पाथी ।
तेरा पूत चढ़ेगा हाथी ॥
न जाने ऐसी कई बातें आपने कही होगी , महसूस की होगी ..और मंद मंद मुस्कुराये होंगे…कभी हंसी आयी होगी तो कभी गर्व महसूस किये होंगे..।
हम बिहारियों के इस ग्रुप के बारे में कुछ बातें :
वर्तमान बिहार विधान सभा अध्यक्ष अपने परिवार के साथ छुट्टी मनाने जापान आये थे …ज्यादा संपर्क एवं जानकारी के अभाव में एक्के दुक्के सदस्य ही मिल पाए थे ..फिर भी हमारे प्रयास से उन्हें भारतीय पर्व दीपोत्सव में शामिल किया और उन्होंने फिर सभी को साधुवाद भी दिया था .. भारतीय दूतावास में एक अलग मीटिंग में भी सबने अपनी बात साझा की थी ।
नितीश जी आये …सबको अपने प्रान्त के मुख्यमंत्री से मिलने की इक्षा हुई , सदस्यों के अथक प्रयास से १०० से ज्यादा सदस्य जमा हो गए ..एक उत्साह का बोध हुआ ।
लिट्टी चोखा मिलन का आयोजन किया गया । शायद ही कोई हों , जिनके मुंह में पानी न आ जाए…क्या ? जापान में लिट्टी चोखा का इतना भव्य आयोजन ..हाँ जी , ये भी हुआ ..उसमे भी करीब ३०-४० सदस्य आये ..जो नहीं आये उन्होंने भी प्रयास को सराहा …और न खा पाने के लिए खेद व्यक्त किया ।

एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया , जिसमे कोशिश की गयी की एक्सपर्ट अपने एक्सपीरियंस शेयर करके आपस में कुछ चीजों को हाईलाइट करते हुए बिहारी सदस्य और बिहारी सरकार से संपर्क करने में मदद करे (..क्रमशः ) [ इस विषय पर विशेष जानकारी के लिए आप अलग से संपर्क कर सकते हैं और अपना योगदान भी सुनिश्चित कर सकते हैं ] इसमें भी १०-१५ सदस्य आये थे ।

नमस्ते इंडिया जैसे साझा मंच पर पहली बार जापान में किसी प्रान्त विशेष का स्टाल लगाया गया . बिहार विभूतियों को याद करते हुए , हमने उस दो दिन के इवेंट में अपनी बिहारी कृति , कलाकृति आदि का प्रदर्शनी भी किया , हालाँकि आशानुरूप अपने सदस्यों की संख्या कम जरूर थी , लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं थी – इरादा पहले से ज्यादा बलवान और सुदृढ़ हो चूका था ।
बिहार फाउंडेशन टीम का फुल सपोर्ट मिलने से हम और भी उत्साहित हैं ..उनके रजिस्ट्रेशन हेतु हमारी औचारिक रजिस्ट्रेशन का काम भी हो चूका है ..अगर आपने अपना निबन्धन नहीं किया है तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सुनिश्चित कर लें

https://www.biharfoundation.in/UEnquiry/RegisterNrb
दीपोत्सव इवेंट में हमने अपने रंगोली डिज़ाइन से भारतीय मूल के लोगो को आकर्षित भी किया । इवेंट के व्यवस्थापक टीम को स्पोंसरशिप सपोर्ट करके अपनी उपस्थिति दर्ज कराया । हम आगे बढ़ रहे हैं…साथ मिलता जा रहा है और अपना कारवां बनता जा रहा है । नए सदस्यों की जानकारी मिलती जा रही है ।

छठी मैया के प्रसाद वितरण में हमारा उत्साह चरम पर था …महसूस किया गया की हमारी संस्कृति से जुड़ाव का बोध ही लोगो को अपने नजदीक खिंच लाने में ज्यादा कारगर होता है । लगभग ७० के आस पास सदस्यों का जमावड़ा काफी संतोषप्रद था । सभी सदस्यों ने अपने अंदाज में अपना परिचय दिया जो आइस ब्रेकिंग मोमेंट था..क्या बच्चे क्या बड़े ..सबने मैथिलि , भोजपुरी , अंगिका में बातें की ..ये बहुत ही हर्ष भरा पल था । .ऐसा सौभाग्य जापान की धरती पर मिलना या महसूस करना ही अपने आप में गुदगुदाने जैसा था ।

हमारे इस एसोसिएशन का नींव भी एही उद्देश्य के पूरा करे खाती राखल गइल बा न । एसोसिएशन रउआ सभी से बा आ रउआ सभी खाती बा । इ राउर आपन मंच ह जहाँ रउआ आपन माई , माटी आ मातृभाषा आदि से जुड़ल अनुभव , कथा कहानी , व्यंग , संस्मरण . रिपोर्ट , गीत – गजल , कविता , चित्रकारी , नाच -गाना आदि के साथ आगे आ सके ।
आवे वाला महीना . बिहारी खाती बहुत ख़ास महीना ह । वसंतोत्सव , ज्ञान के देवी माई सरस्वती जी के पूजा के साथ , रैदास जयंती जहा मनावल जाई , ओजुगे पूरा बिहार एवं बिहारी प्रवासी एही मार्च महीने में बिहार दिवस मनाई ।
रउआ सब से निहोरा बा की आपन अगिला महोत्सव एही खातिर आपन उपस्थिति सुनिश्चित करि । सब का स्वागत बा । और ज्यादा से ज्यादा संख्या में स्वयमसेवक के रूप में आपन नाम दर्ज करि ..अहाँ सब के सहयोग से ही ये महोत्सव संभव बा ।
कार्यक्रम की मुख्य रूप रेखा को सुनिश्चित करने हेतु हम साप्तहिक कॉल कर रहे हैं ..जिसमे सभी सदस्य जुड़कर अपना विचार साझा कर रहे हैं…इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में हमारा मुख्य उद्देश्य है आपस की बॉन्डिंग ( बिल्डिंग बिहार इन जापान ) को सुनिश्चित करना ।
महिलाये एक साथ आगे आये ..उनके सोलो , ग्रुप डांस का परफॉरमेंस हो ..बच्चो का डांस , कविता या कोई अन्य प्रस्तुति ( चित्रकारी प्रतियोगिता ) भी हो …बड़े साथ मिलकर कुछ ऐसा छोटा स्किट या बिहार की गरिमा पर नाट्य प्रस्तुति दें ..दिनकर हो या नए ज़माने के भिखारी ठाकुर जी …उनके साहित्य को नाट्य प्रस्तुति देने का टारगेट हो ..बिहार से भी किसी कलाकार को इंटरनेशनल एक्सपोज़र देने की भी बात चल रही ..मुख्य अतिथि के रूप में भी गणमान्य व्यक्ति के कन्फर्मेशन की भी चर्चा की जा रही । काम बहुत है , हेल्पिंग हैंड काफी लिमिटेड… ।
इस ग्रुप कॉल के माध्यम से आपस में सदस्य अपने रोल्स & रिस्पांसिबिलिटी भी साझा कर रहे … ।
इस मुख्य ग्रुप को इतना भारी भरकम डेली डिस्कशन से बचाये रखने के लिए एक अलग वालंटियर का ग्रुप भी बनाया गया है . आप स्वेक्षा से उस ग्रुप में जुड़कर अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं ।
आपका
विकास रंजन
VikashRanjan55